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सभी विद्यार्थी साथियों को जय भीम..
किसी भी वैचारिक आन्दोलन की गति जब कम होने लगती है, तब वह आन्दोलन बड़ी आशाओं से उन विचों को सहेजने वाले युवकों के तरफ देखता  है | क्योंकि, किसी भी आन्दोलन को तेज गति प्राप्त  करने की स्फूर्ति-जिद और शक्ति युवकों में होती है| और इसी लिए आन्दोलन को गतिमान करने के  लिए युवकों की तरफ देखा जाता है|
पर आज बड़े दुःख के साथ यह बताना जरुरी है की, बाबासाहेबने जो आन्दोलन शून्य से खड़ा किया-गतिमान किया वह गति आज रुकने के  कगार पर है| और इस आन्दोलन को अब फिर से गतिमान करने की जिम्मेवारी  इक्कीस वी सदी के युवकों पर है|
जिस तरह सम्पूर्ण भारत में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर  से प्रेरित होकर, उन्ही के विचारों का कारवा आगे बढाने के लिए राजनैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आन्दोलन खड़े हुए उसी तरह अम्बेडकरी विचारों के विद्यार्थी संघठन भी खड़े हुए थे | उन्होंने अपने शैक्षणिक हक्कों के लिए लड़ने की शुरुवात की |परन्तु समय के चलते यह संघटनाए कालगत होती गई और सिर्फ आंबेडकर जयंती मानाने तक सिमित होती गई| और जिन उद्देशों से यह संघटनाये जन्मी थी, उनके उद्देश अब धूमिल होते नजर आ रहे थे| और विद्यार्थियों को अपने हक़ मिलने में तकलीफे होने लगी|
इन सभी मुद्दों को मद्देनजर रख कर २०११ में प्रत्येक महाविद्यालयों के तरुण युवकों ने एकत्रित आकर विचार  विमर्श  किया की “एक ही लक्ष्य होने के बावजूद अलग-अलग लड़ने से अच्छा है एकसाथ आकर लडे तो अपने अस्तित्त्व-हक़ और अधिकारों के प्रति पुरे  एकसंघ शक्ति के साथ लड़ सकते है|”
और इसी से डॉ बाबासाहेब आंबेडकर नेशनल स्टूडेंट फेडरेशन का जन्म हुआ| और आज पुरे महाराष्ट्र में एक ताकत के साथ विद्यार्थियों के हक़ और अधिकारों के लिए किसी भी राजनैतिक पक्ष से सम्बन्ध न होते हुए भी विद्याथियों की न्यायिक लढाई लड़ने में अग्रेसर है|
  • फेडरेशन अपनी प्रार्थमिकता शैक्षणिक क्षेत्रोंसे जुड़े हुए प्रश्नों को सुलझाने को देती है | और उसमे भी मुख्यतः शैक्षणिक एव आर्थिक रूप से पिछड़े विधार्थियों के हित में लड़ने का काम कर रही है|
  • फेडरेशन की तरफ  से विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति (स्कोलरशिप) और शिक्षण लेते समय आनेवाली कठनाइयों में मदत करके समस्याए सुलझाने का कम कर रही है|
  • नए क्षेत्रों में तयार  होने वाले रोजगारों को ढूंढ  कर, उद्योगों में पिछड़ा विद्यार्थी किस प्रकार तरक्की कर सकता है, इस सन्दर्भ में कार्यशालाए आयोजित करने का काम फेडरेशन तहेदिल से कर रही है |
  • बाबासाहेब के विचारों पर चलने वाले और उस दिशा में कार्य कने वाली नई पीढ़ी तयार  करने एव इस पीढ़ी के माध्यम से समाज में दबे-कुचले युवक-विद्यार्थियों का उत्कर्ष  कर के देश के प्रगति में योगदान देना ही फेडरेशन का प्रमुख उद्देश्य है|
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